पटना: AMUOBA,बिहार ने ध्वजारोहण समारोह के साथ 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाया

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पूर्वजों के बलिदानों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने देश की आजादी के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी

आपसी सहयोग और समझ के माध्यम से ही होगा देश और राज्य का समग्र विकास

पटना:

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन (AMUOBA)बिहार ने 77वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ झंडोत्तोलन समारोह के साथ मनाया। इस कार्यक्रम में अध्यक्ष, अबू रिज़वान और महासचिव, मोशीर आलम की उपस्थिति थी, जो पूर्व छात्रों की एक प्रतिष्ठित सभा में शामिल हुए थे। प्रमुख पूर्व छात्रों में वरिष्ठ अधिवक्ता नसरुल होदा खान, अधिवक्ता नदीम सेराज, कासिम रजा और वली अशरफ जमान खान, संयुक्त सचिव डॉ. फैसल इकबाल और डॉ. माजिद महबूब खान, कार्यकारी समिति के सदस्य डॉ. अरशद हक, उपाध्यक्ष डॉ. नसीब कमाली और इंजीनियर जावेद शामिल थे।

*एकता, सद्भाव और शांति पर चिंतन:* समारोह में एक मजबूत और प्रगतिशील राष्ट्र के मूलभूत स्तंभों के रूप में एकता, सद्भाव और शांति का संदेश गूंजा। वक्ताओं ने धार्मिक और जातिगत सीमाओं से परे एक विविध समुदाय के रूप में एक साथ आने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आपसी सहयोग और समझ के माध्यम से देश और राज्य के समग्र विकास पर प्रकाश डाला।

*बलिदान और स्वतंत्रता का सम्मान:* वक्ताओं ने अपने पूर्वजों के बलिदानों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने आज देश को मिली आजादी के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कड़ी मेहनत से लड़ी गई आजादी की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि बलिदान व्यर्थ नहीं जाएं।

*सभी धर्मों और जातियों में एकता को बढ़ावा देना:* पूर्व छात्रों ने सभी धर्मों और जातियों में एकता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने माना कि भारत की ताकत इसकी समृद्ध विविधता में निहित है और साथ मिलकर काम करके हम उल्लेखनीय प्रगति हासिल कर सकते हैं।

*समग्र विकास का आह्वान:* वक्ताओं ने समग्र विकास की एक सामूहिक दृष्टि को दोहराया जिसमें समाज के हर वर्ग को शामिल किया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास विशेष नहीं बल्कि समावेशी होना चाहिए, जिससे सभी नागरिकों का कल्याण और प्रगति सुनिश्चित हो।

*अध्यक्ष और महासचिव के विचार:* अध्यक्ष अबू रिज़वान ने सभी उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और सभी से उन सिद्धांतों को याद रखने का आग्रह किया जिनके लिए महात्मा गांधी और सर सैयद अहमद खान जैसे हमारे महान नेता खड़े थे। महासचिव मोशीर आलम ने राष्ट्र के उत्थान के लिए शिक्षा, एकता और सामाजिक सद्भाव के महत्व को रेखांकित किया।

समारोह का समापन राष्ट्र की एकता और स्वतंत्रता के प्रतीक तिरंगे झंडे को फहराने के साथ हुआ। जैसे ही उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान गाया, माहौल गौरव की भावना और उज्जवल भविष्य की आशा से भर गया।

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