September 29, 2022

विजन डाक्यूमेंट-2047: 25 साल बाद बिहार में कैसी होगी पुलिसिंग? एडवांस प्लानिंग पर बिहार पुलिस ने शुरू किया काम

पटना

बिहार में 25 साल बाद क्या और कैसी पुलिसिंग होगी इसपर काम करना शुरू कर दिया गया है। बिहार पुलिस विजन डाक्यूमेंट-2047 बनाने जा रही है। इसमें भविष्य की पुलिसिंग का न सिर्फ खाका तैयार किया जाएगा, बल्कि इसके लिए जरूरतों का आकलन कर उसपर काम भी होगा। पुलिस मुख्यालय में डीजीपी एसके सिंघल की अध्यक्षता में हुई अंतरप्रभागीय बैठक में इसपर चर्चा हुई। इस दौरान डीजीपी की ओर से कई सुझाव भी दिए गए। डीजीपी ने कहा कि वर्तमान पुलिस व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाने और पुलिस की कार्य प्रणाली को अभी के मुकाबले ज्यादा उत्कृष्ट बनाने की सोच के साथ विजन डाक्यूमेंट-2047 को तैयार करना है। जरूरी है कि अभियोजन और पुलिस के कार्य में पारदर्शिता हो। उन्होंने कहा कि दूरगामी सोच और दृष्टिकोण से विजन डाक्यूमेंट को तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने बेहतर पुलिसिंग और अच्छे परिणाम के लिए भी अधिकारियों को सुझाव दिए। कहा कि अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारियों को विश्वास में लेकर उनके साथ गहरा संवाद बनाएं। अच्छा कार्य करनेवालों के काम की प्रशंसा करें और उनके कार्यों को संज्ञान में लिया जाना चाहिए।

घटनाओं को रोकने के लिए उठाएं कदम

डीजीपी ने बैठक के दौरान गिरफ्तारी में वृद्धि, बरामदगी और महत्वपूर्ण कांडों के उद्भेदन के लिए क्षेत्रीय पुलिस पदाधिकारियों की सराहना की। हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद कई जिलों में घटनाओं में हुई वृद्धि पर चिंता जताई। उन्होंने अपराध की घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

तबादले से पहले आरएमएस डाटा भेजने के निर्देश

एडीजी मुख्यालय जेएस गंगवार ने रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (आरएमएस) डाटा तुरंत भेजने का निर्देश दिया। साथ ही इसका सत्यापन कर मुख्यालय को प्रमाण पत्र जिलों के एसपी को भेजने को कहा है। इसी आरएमएस डाटा के आधार पर कनीय पुलिस पदाधिकारियों व जवानों का कालबद्ध स्थानांतरण किया जाएगा। इसी माह के दूसरे सप्ताह तक स्थानांतरण का कार्य किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

अभियान का दिख रहा असर

बैठक में कई अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। इसमें डायल 112 के उद्घाटन, अनुसंधानकर्ताओं की कमी को दूर करने के लिए संविदा पर नियोजन में तेजी लाने पर भी डीजीपी द्वारा जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं मुख्यालय के निर्देश पर जिला पुलिस द्वारा चलाए जा ‘रोको टोको’ अभियान की भी डीजीपी ने फीडबैक ली। उन्होंने कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस अभियान में ऐसे युवा व किशोरों पर खास नजर रखी जाती है तो अनावश्यक घूमते-फिरते रहते हैं। इन्हें न सिर्फ रोका और टोका जाता है बल्कि इनके अभिभावकों को सूचना देकर सत्यापन भी होता है।

 

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