October 7, 2022

दिल के मरीजों को पहले ही खतरे से आगाह कर देगा यह मोबाइल ‘एप’, जानें कैसे करेगा काम

मुजफ्फरपुर

एमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज मुजफ्फरपुर के दो छात्रों ने मिलकर एक ऐसा एप तैयार किया है जो दिल के रोगियों को उन्हें भविष्य में होने वाली बीमारियों के खतरे को बताएगा। इस एप को आईटी विभाग के दो छात्रों ने अपने विभागाध्यक्ष के निर्देशन में तैयार किया है। इसे तैयार करने में तीन महीने का वक्त लगा।

आईटी विभाग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार ने बताया कि छात्र रवि रंजन और विशाल कुमार ने इस एप को तैयार किया है। विभागाध्यक्ष ने बताया कि एप के लिए छात्रों ने सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इस सॉफ्टवेयर का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद एप को सूबे विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के पास भेजा जाएगा। एप का नाम हार्ट डिजीज प्रेडिक्शन एप रखा गया है।

प्रो. कुमार ने बताया कि इस एप को तैयार करने के लिए छात्रों ने 60 हजार सैंपल पर सर्वे किया है। यह सैंपल कैगल ऑनलाइन डाटा बैंक और एनआईएच संस्था से लिए गए हैं। सैंपलों को सॉफ्टवेयर में डाला गया। इसके बाद सॉफ्टवेयर ने सभी सैंपलों को अलग-अलग वर्ग में छांटा। छांटने के बाद किस हार्ट रोगी को आने वाले दिनों में क्या खतरा हो सकता है इसका परिणाम तैयार किया गया। इस साफ्टवेयर में पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल किया गया है।

दिसंबर माह में गूगल प्ले स्टोर में आ जाएगा यह एप

विभागाध्यक्ष ने बताया कि एप बनाने काम पूरा हो गया है। परीक्षण के बाद इसे ओके का सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। इसके बाद इसे गूगल प्ले स्टोर में लाया जाएगा। हमें उम्मीद है कि दिसंबर महीने में यह आम लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएगा। गूगल प्ले स्टोर में लाने के लिए दो से तीन हजार रुपये का खर्च आएगा। इसके बाद सभी लोग इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।

एप में मरीजों को डालनी होगी बीमारी से संबंधित जानकारी

एप से बीमारियों के खतरे की जानकारी के लिए मरीजों को अपना ब्योरा डालना होगा। एप खोलने के बाद इसमें मरीज की उम्र, वजन, ब्लड ग्रुप, हार्ट बीट, कद और बीमारी के बारे में पूछेगा। इसका ब्योरा डालने के बाद एप बता देगा कि उसे आने वाले दिनों में किस चीज से बचकर रहना चाहिए और किन बीमारियों का खतरा हो सकता है। एप इन बीमारियों से बचने का उपाय भी बताएगा।

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