September 30, 2022

केमेस्ट्री के टीचर ने खुद रचा अपहरण का नाटक या फिरौती के लिए हुआ था अगवा? हकीकत जानने में जुटी पुलिस

पटना

बेगूसराय जिले के भेलवारा के रहने वाले कोचिंग शिक्षक अंकित की पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी रोड नंबर 7 बी स्थित एक किराये के कमरे से बरामदगी होने के बाद पुलिस घटना के पीछे की हकीकत जानने में जुटी है। पुलिस की अबतक की जांच कर्ज में कोचिंग बंद होने से शिक्षक के कर्ज में डूबने, बकाया चुकता करने के लिए अपहरण का झूठा नाटक रचने या फिर छह लाख की फिरौती के लिए अपहरण करने के बिंदु पर टिकी है। शिक्षक की स्कूटी व मोबाइल अबतक बरामद नहीं हो सकी है। एसएसपी डॉ. मानवजीत सिंह ढिल्लो का कहना है कि शिक्षक से पूछताछ करने सहित कई अन्य बिंदुओं पर गहनता से जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद इस पूरे मामले की हकीकत जल्द उजागर होगी।

बंद कमरे से चिल्लाने की आवाज सुन पुलिस को दी गई सूचना

फिरौती के लिए शिक्षक का अपहरण होने के बाद पुलिस छापेमारी में जुटी थी। शनिवार की रात करीब पौने बारह बजे बंद कमरे के अंदर से शिक्षक ने चिल्लाना शुरू किया। बचाओ, बचाओ की आवाज सुनकर गार्ड व आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पाटलिपुत्र थाने की पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे का दरवाजा बाहर से बंद मिला और ताला लटका हुआ था। रौशनदान से झांककर देखने पर कमरे के अंदर एक युवक मौजूद है, जिसके हाथ रस्सी से बंधे हैं। मुंह पर टेप भी साटा गया था। ताला तोड़कर पुलिस कमरे में दाखिल हुई तो पूछताछ के दौरान पता चला कि जिस शिक्षक की फिरौती के लिए शास्त्रीनगर इलाके से अपहरण की बात सामने आई है, यह शख्स वही शिक्षक अंकित कुमार है। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ पाटलिपुत्र थाने ले गई।

मारपीट कर रस्सी से बांध दिया था हाथ

पूछताछ में पीड़ित ने पुलिस को बताया कि कमरे में बंद कर दो अपहरणकर्ताओं ने उसके साथ मारपीट की और हाथ-मुंह बांध दिया। बाद में जेब से स्कूटी की चाबी और मोबाइल निकाल लिया। अंकित के मोबाइल से शनिवार की सुबह करीब सात बजे उसके पिता अरुण कुमार को छह लाख की फिरौती के लिए कॉल की गई थी।

एक फरवरी को किराये पर लिया था कमरा

पुलिस को जांच में पता चला है कि जिस कमरे में शिक्षक को बंद कर रखा गया था, उस कमरे को एक शख्स द्वारा एक फरवरी को किराये पर लिया गया था। उक्त किरायेदार ने एक माह का आधा किराया दिया था जबकि शेष पैसे एक सप्ताह में देने की बात मकान मालिक से की थी। बुजुर्ग होने के कारण मकान मालिक मकान के प्रथम तल पर ही रहते हैं। बहुत जरूरत होने पर ही वह उतरकर नीचे आते थे। कमरा किराये पर किसने लिया था, पुलिस उस शख्स का भी पता लगाने में जुटी है।

हाथ में अंगूठी व गले में चेन मिली सलामत

सूत्रों के मुताबिक बरामद होने के बाद शिक्षक अंकित के हाथ में सोने की अंगूठी, गले में सोने की चेन, लॉकेट व घड़ी सलामत मिली। जिसकी कीमत करीब एक लाख रुपये आंकी गई है। यह भी पता चला है कि पहले छह लाख की फिरौती मांगी गई। बाद में यह रकम घटकर दो लाख रुपये पर आ गई। इसको लेकर पुलिस को अंकित द्वारा बतायी जा रही अपहरण की कहानी ठीक से गले नहीं उतर रही। पुलिस का कहना है कि यदि फिरौती के लिए अपहरण किया गया तो बदमाश सोने के जेवर क्यों छोड़ दिए। शिक्षक सामान्य परिवार का है। उसके पिता खेती किसानी करते हैं। ऐसे में फिरौती मांगा जाना, अपने में बड़ा सवाल है।

बच्चों के कम होने से बंद कर दिया था खुद की कोचिंग

पुलिस के मुताबिक शिक्षक अंकित पाटलिपुत्र के इंद्रपुरी रोड नंबर 5 स्थित एक कोचिंग में पढ़ाता है। पहले वह खुद कोचिंग चलाता था। बच्चों के कम होने से कर्जदार व मकान आदि का किराया अधिक बकाया होने पर उसने कोचिंग बंद कर दी। बाद में वह दूसरी कोचिंग में केमेस्ट्री पढ़ाने लगा। शिक्षक ने बताया कि शुक्रवार की रात उसे एक बच्चे को ट्यूशन पढ़ाने के लिए इंद्रपुरी रोड नंबर 7 बी स्थित बुजुर्ग अमन कुमार के मकान पर बुलाया गया। कोचिंग से करीब आधा किमी दूर स्थित दिए गए पते पर वह अपनी स्कूटी से पहुंचे। जहां मकान के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक कमरे में बंद कर अंकित के ही मोबाइल से फोन कर उसके पिता से फिरौती मांगी जाने लगी।

पहले भी घर से भाग गया था शिक्षक

पुलिस की मानें तो जांच में पता चला है कि वर्ष 2012 में अंकित घर से भाग गया था। बाद में वह वापस लौट आया था। सूत्रों की मानें तो उस दौरान भी शिक्षक ने खुद के अपहरण का नाटक रचा था। उस समय 50 हजार रुपये की फिरौती की बात कही गई थी। पता चला है कि इसके एवज में पिता ने उसे सात लाख रुपये दिए थे। पुलिस इसकी भी तहकीकात कर रही है।

 

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