February 8, 2023

मार्च से ही ‘तेवर’ दिखाने लगा सूरज, छह साल बाद 20 मार्च को इतनी गर्मी; जानें क्यों चढ़ता जा रहा है पारा

पटना

बिहार में सूरज के तेवर तल्ख होते जा रहे हैं। अमूमन पूरे राज्य में होली के समय देर रात और सुबह में आंशिक ठंड का एहसास होता था और हवा में फागुन का आनंद रहता था लेकिन इस बार कई सालों बाद भारी गर्मी की स्थिति देखी जा रही है। मौसम के तेवर को इसी बात से समझा जा सकता है कि होली के दिन बांका का अधिकतम तापमान 41 डिग्री पर चला गया। पटना, भागलपुर और राज्य के अन्य शहरों में भी प्रचंड गर्मी है।

पिछले 24 घंटों में तेजी से ऊपर चढ़ा है और लोग गर्मी की मार झेल रहे हैं। घरों में एसी घनघनाने लगे हैं और दोपहर में बिना छाता बाहर निकलने पर शरीर झुलस रहा है। कहा तो यह भी जा रहा है कि इस बार गर्मियों में वर्ष 2019 का रिकॉर्ड टूट सकता है। हालांकि अगले कुछ दिनों में प्री मॉनसून और मॉनसून सीजन की परिस्थितियां यह तय करेंगी। पिछले दो सालों में सूबे में प्री मॉनसून सीजन में बारिश होती रही है और मार्च से लेकर मई तक खूब बारिश हुई है।

सामान्य से पांच डिग्री ऊपर है तापमान 

पटना में अधिकतम तापमान रविवार को 38.2 डिग्री पर पहुंच गया, जो कि हाल के वर्षों में एक रिकॉर्ड है। रविवार को पटना का तापमान सामान्य से पांच डिग्री ऊपर रहा। राजधानी में छह साल बाद 20 मार्च के आसपास अधिकतम तापमान की ऐसी स्थिति रही थी। मार्च के आखिरी हफ्ते में भले ही अधिकतम पारा 39 डिग्री तक चढ़ा है लेकिन दूसरे या तीसरे हफ्ते पारा 35 से 36 डिग्री के आसपास रहा करता था।

कोरोना काल में यानी वर्ष 2020 और 2021 में तो मार्च महीने में अधिकतर दिन पूरे सूबे में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे ही रहा है। मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 20 मार्च 2016 को पटना का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री दर्ज किया गया था। जबकि रविवार को यानी 20 मार्च 2022 को पटना का अधिकतम पारा 38.2 रहा है।

क्यों चढ़ता जा रहा है पारा 

मौसम और जलवायु विशेषज्ञ बताते हैं कि हाल के महीनों में हर मौसम में एक्सट्रीम कंडीशंस (अतिशयता) बढ़े हैं। ठंड में खूब ठंड की स्थिति रही है, बारिश के दिनों में खूब बारिश हुई। इस अनुमान से भी इस बार गर्मी में बढ़ोतरी का अनुमान है। पिछले दो सालों में अधिकतर समय लॉकडाउन में गुजरा इससे बारिश की प्रवृत्ति में भी बढ़ोतरी देखी गई थी। तब मौसम वैज्ञानिकों ने इसे प्रदूषण में कमी भी एक वजह मानी थी।

पिछले वर्ष जब पूरा देश तेज गर्मी में तप रहा था तब भी बिहार में प्री मॉनसून सीजन की बारिश से लबालब रहा था। मौसमविदों के अनुसार मार्च अप्रैल के महीने में बिहार में कालबैशाखी की भी उग्रता देखी जाती है। राज्य में आंधी-पानी की स्थिति बनती है। इस बार मार्च महीने में एक बार भी आंधी पानी की स्थिति नहीं बनी है। इस वजह से भी अधिकतम तापमान चढ़ता रहता है।

सूबे के प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान का हाल 

पटना 38.2, भागलपुर 38.2 डिग्री, गया 36.2 डिग्री, पूर्णिया 37.6 डिग्री, वाल्मिकीनगर 37.2 डिग्री, मुजफ्फरपुर 34.8 डिग्री, डेहरी में 36.6 डिग्री, शेखपुरा में 38.8 डिग्री, पश्चिमी चंपारण के माधोपुर में 37.5 डिग्री, बक्सर में 39.6 डिग्री, जमुई में 38.4 डिग्री, वैशाली में 38.4 डिग्री, औरंगाबाद में 36.7 डिग्री, बेगूसराय में 39.4 डिग्री, बांका में 39.2 डिग्री, नालंदा में 39.2 डिग्री, सीतामढ़ी में 36.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

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