September 30, 2022

कोर्ट में अपहरण और हत्या की चार्टशीट दायर करने वाला आईओ ही मुकरा, तीन आरोपी बरी; जानें क्या है मामला

पटना

अपहरण व हत्या के मामले में जिस आईओ ने अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दायर की, गवाही के दौरान वही आईओ मुकर गया और अभियुक्तों को निर्दोष बताते हुए उन्हें फंसाने की बात कही। 19 साल बाद आए फैसले में सेशन कोर्ट के न्यायाधीश सुनील कुमार तृतीय ने साक्ष्य के अभाव में इस कांड के तीन आरोपितों प्रभात रंजन, श्याम बाबू पटेल और लक्ष्मण पटेल को बरी कर दिया। मामला जक्कनपुर थाना के विग्रहपुर के रहने वाले श्रवण कुमार के अपहरण व हत्या से जुड़ा है।

पुलिस व अभियोजन पक्ष तीनों आरोपितों पर उनके आरोपों को साबित करने में असफल रहे। इस कांड के अनुसंधानकर्ता पुलिस पदाधिकारी राजकिशोर सिन्हा ने गवाही देते हुए कहा कि तीनों आरोपी निर्दोष हैं। उन्हें फंसाया गया है। वादी ने लोगों के बहकावे में अभियुक्त बना दिया था। जांच करने वाले पुलिस अधिकारी के इस बयान के बाद अभियोजन ने इस पुलिस अधिकारी को पक्षद्रोही घोषित नहीं किया। इस हत्याकांड में अभियोजन ने 12 अभियोजन गवाह पेश किए थे जबकि बचाव में 4 गवाह पेश किए गए थे।

वर्ष 2003 में श्रवण कुमार की गोली मार कर हुई थी हत्या 

जक्कनपुर थाना क्षेत्र के विग्रहपुर के रहने वाले श्रवण कुमार को अपराधियों के एक गिरोह ने अपहरण कर लिया था। रंगदारी नहीं देने पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। लाश को मीठापुर कृषि फार्म में फेंक दिया था। पुलिस ने लाश को कृषि फार्म से बरामद किया था। पुलिस ने घटनास्थल से कोई भी खून का निशान नहीं पाया था। अपराधियों ने कहीं अन्य श्रवण कुमार की गोली मार कर हत्या कर दी और लाश मीठापुर कृषि फार्म में फेंक दिया था।

यह घटना 6 जनवरी 2003 को हुई थी। इस मामले में मंजू देवी के बयान पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। छह नामजद अभियुक्त बनाये गये थे। पुलिस ने जांच के दौरान एक अभियुक्त रामबाबू प्रसाद उर्फ राम पटेल को निर्देष बताया था। तीन आरोपितों प्रभात रंजन, श्यामबाबू पटेल और लक्ष्मण पटेल पर चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद दो अभियुक्त अनिल शर्मा और चुनचुन शर्मा पर अनुसंधान जारी रखा था।

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