October 7, 2022

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर कालेज आफॅ कामर्स में संगोष्ठी का आयोजन।

 

* छात्रों में वैज्ञानिक समझ विकसित करना शिक्षकों की जिम्मेदारी —कुलपति पीपीयु
** डॉ भाभा का अनुसंधान कॉस्मिक किरणों पर आधारित —प्रो. विजय

पटना
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आर के सिंह ने शिक्षकों से विज्ञान को सरल तरीके से छात्रों को पढ़ाने और उन में वैज्ञानिक समझ विकसित करने की सलाह दी है। वह सोमवार को कालेज आफॅ कामर्स आर्ट्स एण्ड साइंस पटना में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर ‘द लाइफ एण्ड टाईम्स ऑफ होमी भाभा’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी का उद्धाटन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छात्रों में विज्ञान के प्रति रूझान पैदा करने के लिए वैज्ञानिक तरीका अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के मन में यह एक गलत धारणा है कि विज्ञान कठिन होता है जो गलत है। उन्होंने न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण का नियम, विधुत धारा का प्रवाह और ट्रांजिस्टर इत्यादि के अवधारणा को किस तरह आसानी से समझाया जा सकता है उदाहरण दे कर समझाया। उन्होंने कहा कि विज्ञान एक सतत प्रकिया है।


संगोष्ठी के मुख्य अतिथि आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर विजय ए सिंह ने कहा कि होमी जहांगीर भाभा का अनुसंधान कॉस्मिक किरणों पर है। भाभा शुरू में इंग्लैंड में पढते थे लेकिन सी वी रमण ने उन्हें बंगलौर बुलाया था। बाद में उन्होंने मुम्बई जा कर भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर की स्थापना की। उन्होंने कहा कि भाभा ने कौसमिक रेज़ पर काम किया साथ ही उन्होंने भाभा स्कैटरिंग की अवधारणा दी जिसके आधार पर रिएक्टरस का कैलिबेरेशन किया जाता है।


अपने स्वागत भाषण में प्रधानाचार्य प्रो तपन कुमार शान्डिल्य ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर भौतिक के क्षेत्र में होमी भाभा के अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विज्ञान दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य छात्रों में विज्ञान के प्रति आकर्षण पैदा करना है।आईक्यूएसी के समन्वयक प्रो संतोष कुमार ने पावर प्वाइंट के माध्यम से महाविद्यालय में भौतिकी के क्षेत्र में शिक्षकों के योगदान की विस्तार से चर्चा की।


संगोष्ठी में अन्य लोगों के अलावा पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के डीन प्रो. ए. के. नाग, प्रो. बी सी राय ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा डॉ. अनीता सागर, डॉ. जे पी. गटकर, प्रो. उमेश प्रसाद, प्रो. प्रमोद कुमार, डॉ. ज्ञानेन्द्र यादव, डॉ अफरोज अशर्फी, डॉ. एम जेड अहमद, प्रो. प्रवीण कुमार, डॉ के. बी. पद्मदेव, डॉ मनोज कुमार समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और छात्र – छात्राएं उपस्थित थे।
मंच का संचालन डॉ रश्मि कुमारी और डॉ स्मिता ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन वंदना मौर्य ने किया।

 

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