January 28, 2023

राहत: बिहार में इस साल नहीं बढ़ेंगी बिजली की दरें, उपभोक्ताओं के स्लैब में बदलाव का प्रस्ताव खारिज; फिक्सड चार्ज में भी वृद्धि नहीं

पटना

आगामी एक अप्रैल से लागू होने वाली बिजली दर में कोई वृद्धि नहीं होगी। मौजूदा बिजली दर ही आगे भी बरकरार रहेगी। कंपनी की ओर से बिजली दरों में 9.90 फीसदी वृद्धि के प्रस्ताव को बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने खारिज कर दिया। शुक्रवार को आयोग के अध्यक्ष शिशिर सिन्हा ने सदस्य सुभाष चंद्र चौरसिया की मौजूदगी में यह फैसला सुनाया।

आयोग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने 23 835.31 करोड़ की मांग की थी। बिजली की बिक्री से होने वाली आमदनी के बावजूद 1184.41 करोड़ कम होने का हवाला दिया गया था, लेकिन आयोग ने सभी तथ्यों की समीक्षा कर बिजली कंपनी का खर्च 21545.97 करोड़ ही माना।

बिजली की बिक्री से कंपनी को होने वाली आय के बाद मात्र 6.69 करोड़ का अंतर पाया गया। कंपनी ने यह भी कहा था कि औसतन 4.24 रुपये प्रति किलोवाट की दर से बिजली खरीदी जा रही है, जबकि आपूर्ति करने पर 7.22 रुपये प्रति किलोवाट खर्च हो रहे हैं। इस पर आयोग ने कंपनी को अपना नुकसान 15 फीसदी पर लाने को कहा। अभी कंपनी का वास्तविक नुकसान 35 फीसदी है। आयोग ने दो टूक कहा कि वह अपने नुकसान की भरपाई उपभोक्ताओं से नहीं कर सकता।

शहरी उपभोक्ताओं के स्लैब में बदलाव नहीं 

बिजली कंपनी ने शहरी घरेलू उपभोक्ताओं में तीन के बदले दो स्लैब करने का प्रस्ताव दिया था। कंपनी की ओर से दिए गए प्रस्ताव के अनुसार शून्य से 100 यूनिट का पहला और 101 यूनिट से अधिक का दूसरा स्लैब करने का प्रस्ताव था। लेकिन आयोग ने मौजूदा स्लैब शून्य से 100 को पहला, 101 से 200 को दूसरा और 201 यूनिट से अधिक को तीसरा स्लैब बरकरार रखा। बिजली कंपनी ने फिक्सड चार्ज में भी 10 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव दिया था जिसे आयोग ने खारिज कर दिया।

उद्योगों के लिए अलग श्रेणी बनेगी

राज्य में कितने औद्योगिक कनेक्शन हैं, यह पुख्ता जानकारी अभी कंपनी को नहीं है। हाईटेंशन में ही उद्योग सहित अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिया जा रहा था। कंपनी ने उद्योगों के लिए एक अलग औद्योगिक श्रेणी का प्रस्ताव दिया था जिसे आयोग ने मान लिया है। एचटी इंडस्ट्री में अब औद्योगिक श्रेणी होने से कंपनी को पता चल सकेगा कि राज्य में कितने उद्योग संचालित हो रहे हैं।

ऑक्सीजन प्लांट को सस्ती बिजली मिलेगी

कोरोना काल में ऑक्सजीन प्लांट की अधिक आवश्यकता महसूस की गई। इसे देखते हुए आयोग ने हाईटेंशन में ऑक्सजीन प्लांट की एक नई श्रेणी बनाई है। ऑक्सजीन प्लांट लगाने वालों को सस्ती बिजली मिलेगी। उन्हें मात्र 4.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी, जबकि इसी श्रेणी में अन्य प्रकार के उद्योग लगाने वालों को 6.65 रुपये प्रति यूनिट बिजली दी जाएगी।

राज्य सरकार जारी रखेगी अनुदान: मंत्री 

विनियामक आयोग की ओर से बिजली दरों में वृद्धि नहीं किए जाने के बाद राज्य सरकार उपभोक्ताओं को पूर्व की तरह ही अनुदान देती रहेगी। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि पर निर्णय लेने का अधिकार विनियामक आयोग को है। अगर आयोग ने बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की है तो सरकार उसका पालन करेगी। उपभोक्ताओं को पूर्व की तरह ही अनुदान मिलता रहेगा। गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में लोगों को सस्ती बिजली देने के लिए सरकार ने 6000 करोड़ का अनुदान दिया था। इसके पहले वित्तीय वर्ष 2020-21 में 5469 करोड़, 2019-20 में 5193 करोड़ और 2018-19 में 5070 करोड़ का अनुदान दिया गया था।

यह भी हुआ फैसला

आयोग ने नुकसान कम करने व एसेट रजिस्टर बनाने को कहा
बिहार में तेजी से स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाने को कहा गया
नए उद्योग लगाने वालों को लोड फैक्टर पर अब मिलेगा अनुदान
रात 11 से सुबह पांच बजे तक उद्योग चलाने पर 15% सस्ती बिजली
कंपनी करेगी बिजली खरीद की लागत कम, नियमित एकाउंटिंग भी

एक नजर में बिजली दर (रुपये प्रति यूनिट)

ग्रामीण घरेलू यूनिट             अनुदान रहित      अनुदान सहित    
0-50                                       6.10                 2.60
51-100                                   6.40                2.90
100 यूनिट से अधिक 6.70          3.15

शहरी घरेलू (रुपये प्रति यूनिट)
1-100                                     6.10                4.27
101-200                                 6.95                5.12

200 यूनिट से अधिक                  8.05                6.22

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