September 29, 2022

बिना कोचिंग के की तैयारी, नवादा के आयुष ने सेल्फ स्टडी से पाया 74वां रैंक

नवादा

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज 2021 में आकांक्षी जिला नवादा के परीक्षार्थियों का जलवा रहा है। सोमवार को घोषित परीक्षा परिणाम में नवादा जिला के काशीचक प्रखंड स्थित बेलड़ गांव निवासी आयुष वेंकटेश वत्स ने देशभर में 74वां स्थान लाया है। उनकी इस उपलब्धि से नवादा वासियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है, लोग प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में नवादा के परीक्षार्थियों के प्रदर्शन से खासा उत्साहित हैं।

आयुष वेंकटेश वत्स के पिता शिक्षा विभाग में अपनी सेवा दे चुके हैं और इस वर्ष प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। मां निशा सिंह गृहिणी हैं। आयुष वेंकटेश वत्स की प्रारंभिक शिक्षा देवघर के सन्त जोसेफ स्कूल से हुई है, जबकि दिल्ली यूनिवर्सिटी से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। यूपीएससी में 74वां स्थान प्राप्त कर आयुष वेंकटेश वत्स ने न सिर्फ काशीचक, बल्कि नवादा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रौशन किया है।

उधर, रोह प्रखंड स्थित गोड़िहारी गांव के लाल आलोक रंजन ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज परीक्षा 2021 में 346 वां रैंक लाकर जिले को गौरवान्वित किया है। आलोक ने सातवें प्रयास में यह सफलता प्राप्त की है। आलोक की सफलता से जिला-गिराम में हर्ष का माहौल है। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा-दीक्षा रोह हाई स्कूल से हुई है, हालांकि उन्होंने दसवीं की परीक्षा जीवनदीप पब्लिक स्कूल से उत्तीर्ण की और फिर राजस्थान के कोटा चले गए। यहां तालमण्डी में राजस्थान बोर्ड से बारहवीं की और फिर इन्द्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली से इलेक्ट्रिक एंड इलेक्ट्रोनिक्स ईन्जीनियरिंग में बीटेक पास किया। आलोक ने 2015 से ही सिविल सर्विसेज की परीक्षा देना शुरू कर दिया था, लेकिन सफलता 2021 में मिली। हालांकि वे ईम्पलॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाईजेशन (ईपीएफओ) और ईंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) में अंतिम रूप से सफलता प्राप्त कर ली थी, लेकिन सिविल सर्विसेज एग्जाम 2021 में उनकी सफलता ने शोर मचा दया।

धैर्य नहीं खोया, असफलता के बाद भी रहे अडिग
आलोक ने राजनीति शास्त्रत्त् व अंतरराष्ट्रीय संबंध जैसे विषय रखकर यूपीएससी का एग्जाम क्लीयर किया है। हालांकि उनके पिता नरेश प्रसाद यादव उनकी बार-बार की असफलता से थोड़ा परेशान हुए थे। इनके सहपाठी परीक्षाएं उत्तीर्ण करते जा रहे थे, लेकिन आलोक को सफलता नहीं मिल पा रही थी, जिससे परिजन चिंतित थे। उनके पिता बताते है कि चयनित विषय को लेकर मुझे शंका हुई थी, लेकिन आलोक दृढ़ व अडिग रहे।

यूपीएससी की परीक्षा में सफल हुए आलोक रंजन के गांव रोह प्रखंड के गोड़ीहारी गांव में जश्न का माहौल है। इस उपलब्धि से गदगद आलोक की दादी गौरी देवी और दादा रामस्वरूप प्रसाद लोगों को मुंह मीठा करवा कर प्रसन्नता व्यक्त कर रहे हैं। वहीं छोटे भाई अमित कुमार उर्फ एके गुरू गांव में घूम घूम कर मिठाई बांट रहे हैं। इस बीच बधाई देने के लिए दूसरे गांव से लोग भी गोड़ीहारी पहुंचने लगते हैं। उनके आने का सिलसिला शुरू होते ही उमंग और भी बढ़ गया। लोग खुशी का इजहार कर झूमने लगे। इसी बीच आलोक रंजन के दादा जी भी खुद को नहीं रोक सके और डीजे की धुन पर थिरकने लगे। उन्हें थिरकते देख गांव के दूसरे बुजुर्ग भी डांस कर खुशी जताने लगे। वहीं दादी महिलाओं के साथ खुशी जताने में मशगूल दिखी। खुशी से झूमते आलोक के दादा जी ने कहा- पोता बड़ा अफसर बन गया है।

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