October 4, 2022

अब उन्हीं मामलों में विभागीय कार्रवाई, जिसमें आरोपी को सजा मिलने की संभावना होगी, पढ़ें नए दिशानिर्देश

पटना

राज्य सरकार के अधिकारियों-कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई केवल उन मामलों में ही आरंभ की जाएगी, जिसमें वृहद दंड मिलने की पूरी संभावना होगी। मुख्य सचिव आमिर सुबहानी की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई विभागीय कार्रवाई की समीक्षा बैठक में इस बाबत कई दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान उन्होंने अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा आरोपों की प्रकृति और उसकी गंभीरता का आकलन पहले ही कर लेने को कहा है, ताकि उन्हीं मामलों में विभागीय कार्रवाई आरंभ की जाए जिसमें वृहद दंड की प्रबल संभावना है।

मुख्य सचिव ने इसके अलावा भी कई दिशा-निर्देश दिए। जिन विभागीय कार्रवाई के मामलों में जांच प्रतिवेदन प्राप्त हो गए हैं उसे तुरंत निष्पदित करने को कहा है। साथ ही आरोपों पर लिखित बचाव-बयान हेतु समय सीमा का ध्यान रखने की भी हिदायत दी है। जांच अधिकारियों को लंबी अवधि की तिथि नहीं देने और विभाग को नियमित सुनवाई के लिए जांच अधिकारी से अनुरोध करने को भी कहा गया है।

हर तीन महीने पर होगी समीक्षा

विभागीय कार्रवाई के मामलों की मुख्य सचिव द्वारा प्रत्येक तीन महीने पर समीक्षा की जाएगी। अगली समीक्षा बैठक जून में होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए विभागों से 31 दिसंबर 2021 तक के लंबित विभागीय कार्रवाई, 1 जनवरी 2022 से शुरू की गई विभागीय कार्रवाई, लंबित कुल मामले और संचालन पदाधिकारी से प्राप्त कुल जांच प्रतिवेदन की संख्या समेत अन्य बिंदुओं पर 20 मई तक रिपोर्ट मांगी है।

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