September 30, 2022

बिहार में कृषि आधारित उद्योग लगाने की आवश्यकता — शांडिल्य

 

** केवल व्यवसाय नहीं जीवन का आधार है कृषि।

पटना
शेरे कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय जम्मू के प्रोफेसर सुधाकर द्विवेदी ने कहा कृषि केवल व्यवसाय बल्कि जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कृषि के क्षेत्र में विकास की काफी संभावनाएं हैं। वह रविवार को पूर्वांचल आर्थिक संघ वाराणसी और कालेज आफॅ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस कालेज के संयुक्त तत्वावधान में “सतत एवं टिकाऊ कृषि” विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने
भारतीय कृषि की विशेषताओं, संभावनाओं और सीमाओं की चर्चा करते हुए कहा किसी आभाव इसकी प्रमुख सीमाएं हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्तावाद और अधिकतम लाभ के नाम पर फैल रहे प्रदुषण और बिमारियों की कीमत आने वाली पीढ़ियों को न भुगतना पड़े इसलिए प्रकृति के अनुकूल व्यवहार सीखना और व्यवहार करना ही वर्तमान मानवता का धर्म है.
प्राचार्य डॉ तपन कुमार शांडिलाय ने उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्यों के लिए विशेष योजना बनाने पर बल देते हुए कहा कि इन राज्यों में कृषि आधारित उद्योग भी लगाए जाने चाहिए.
जौनपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विक्रम देव शर्मा ने कृषि की बढ़ती लागतों के लिए रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अति प्रयोग को जिम्मेदार बताया.

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