October 4, 2022

एल्बेंडाजोल की गोली खाने से 50 से अधिक बच्चे बीमार, ऑक्सीजन सपोर्ट पर आधा दर्जन से ज्यादा छात्र; सभी खतरे से बाहर

बरियारपुर

मुंगेर में शुक्रवार को बरियारपुर प्रखंड के शाह जुबैर मध्य विद्यालय घोरघट में सुबह करीब 8 बजे विद्यालय के सभी वर्ग के छात्र तथा छात्राओं को चेतना सत्र के बाद एल्बेंडाजोल की दवाई खिलाने के कुछ देर के बाद ही बच्चों की तबियत खराब होने लगी। देखते ही देखते कई बच्चे बेहोश होने लगे। कई बच्चों को चक्कर आने लगा। करीब 50 से अधिक बच्चे बीमार पड़ गये। बच्चों के बीमार होने की सूचना पीएचसी प्रभारी को दी गई।

इसके बाद डॉक्टरों की टीम विद्यालय पहुंची और बीमार छात्र-छात्राओं का इलाज करने लगे। जिन बच्चों की ज्यादा तबीयत खराब हुई, उन्हें एंबुलेंस से बरियारपुर पीएचसी लाया गया। पीएचसी में सभी का इलाज चल रहा है। बताया जाता है कि लगभग आधा दर्जन से अधिक बच्चों का दम फूलने लगा तो उन्हें ऑक्सीजन लगाया गया है। करण कुमार साक्षी कुमारी, रूपा कुमारी सभी वर्ग सप्तम, सुप्रिया कुमारी, रितिका कुमारी वर्ग चतुर्थ, सोनू कुमार, शिवम कुमार, अंजनी कुमारी वर्ग पंचम आदि को बेहतर इलाज के लिए ऑक्सीजन लगाया जा रहा है।

वहीं सौरभ कुमार, प्रिया कुमारी, अंकित कुमार, विवेक कुमार, अंकुश कुमार, सुधा कुमारी, शैलेश कुमार, बिक्रम कुमार, आरती कुमारी, प्रेमा कुमारी सहित 50 से अधिक बच्चों का इलाज चल रहा है। कई बच्चों को सलाईन भी चढ़ाई जा रही है। बताया जाता है कि चेतना सत्र के बाद सभी बच्चों को सुबह 8 बजे दवाई खिलाई गई। जो बच्चे सुबह खाना खाकर विद्यालय नहीं आए थे, उनपर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है।

विद्यालय के बच्चों ने बताया कि सभी वर्ग में शिक्षक तथा शिक्षिकाओं ने दवाई खिलाई थी। सूचना मिलने पर बरियारपुर पुलिस सहित स्थानीय प्रशासन भी विद्यालय पहुंचे। इसके बाद कई वरीय अधिकारियों ने पीएचसी पहुंचकर बीमार बच्चों को देखा। हालांकि कई अभिभावक अपने हाथों में सलाईन की बोतल लेकर बच्चों को बचाने में लगे हुए थे।

पीएचसी प्रभारी डॉक्टर विजय कुमार ने बताया कि एल्बेंडाजोल की दवाई एमडीएम के बाद बच्चों को खिलाने के लिए कही गई थी। लेकिन सुबह में ही दवाई खिला दी गई। खाली पेट दवाई खाने के कारण ज्यादा असर हुआ है। सभी बच्चों का इलाज चल रहा है, जो खतरे से बाहर हैं। इधर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य सुधीर कुमार ने बताया कि सुबह में दवाई खिलाई गई। बच्चों से खाना खाने के बारे में पूछकर ही दवाई खिलाई गई थी।

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