October 4, 2022

BPSC पेपर लीक मामले में ईओयू की बड़ी कार्रवाई, मजिस्ट्रेट व प्रिंसिपल समेत 4 गिरफ्तार

पटना

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 67 वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के पेपर लीक मामले में वीर कुंवर सिंह कॉलेज से जुड़े चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इस सेंटर पर परीक्षा के दौरान हंगामा भी हुआ था। कॉलेज के प्राचार्य योगेन्द्र प्रसाद सिंह और वहां प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट-सह-बड़हरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) जयवर्द्धन गुप्ता के अलावा कॉलेज के दो लेक्चरर को भी गिरफ्तार किया गया है। प्रश्न-पत्र लीक में विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा गिरफ्तारी की यह पहली कार्रवाई है।

बीपीएससी के प्रश्न पत्र वायरल होने के मामले की जांच के लिए गठित ईओयू की एसआईटी सोमवार से ही कई लोगों से पूछताछ कर रही थी। अबतक के जांच और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के क्रम में मिले साक्ष्य के आधार पर एसआईटी ने यह गिरफ्तारी की है।

ईओयू के मुताबिक जयवर्द्धन गुप्ता वीर कुंवर सिंह कॉलेज के केन्द्र पर स्टैटिक दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त थे। कॉलेज के प्राचार्य सह केन्द्राधीक्षक योगेन्द्र प्रसाद सिंह (बखोरापुर, बड़हरा), कॉलेज के ही लेक्चरर सह कंट्रोलर सुशील कुमार सिंह (हरि जी का हाता, आरा) और लेक्चरर सह सहायक केन्द्राधीक्षक अगम कुमार सहाय (फरना, बड़हरा) को गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ के बाद गिरफ्तारी

प्रश्न-पत्र लीक होने की जांच कर रही ईओयू की एसआईटी सोमवार को ही इन चारों को पूछताछ के लिए आरा से पटना लाई थी। इनसे 18 घंटे से ज्यादा की पूछताछ के बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने का आरोप

वीर कुंवर सिंह कॉलेज के परीक्षा केन्द्र पर कुछ अभ्यर्थियों को पहले ही प्रश्न-पत्र मिल गया था। जिन्हें प्रश्न-पत्र मिला वह अलग कमरे में थे। देर तक प्रश्न पत्र नहीं मिलने पर अन्य अभ्यर्थी नाराज हो गए और जबरन उस कमरे में प्रवेश कर गए। प्रश्न-पत्र छीन लिया और जमकर हंगामा किया। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कुछ खास अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने की नियत से ऐसा किया गया। यही वजह थी कि कुछ खास अभ्यर्थियों को पहले ही प्रश्न पत्र बांट दिए गए। सेंटर पर कई अभ्यर्थियों के पास मोबाइल फोन भी मौजूद था और प्रश्न-पत्र वायरल किया गया।

आईटी एक्ट व परीक्षा नियंत्रण अधिनियम की धाराएं भी लगी

ईओयू ने प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में 9 मई को आर्थिक अपराध थाना में कांड संख्या 20/2022 दर्ज किया था। इसमें आईपीसी की धारा 420/467/468/ 120 (बी),  66 आईटी एक्ट और बिहार परीक्षा नियंत्रण अधिनियम-1981 की धारा 3/10 के तहत एफआईआर दर्ज की है। इसी मामले में चारों व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रश्न पत्र का ‘सी’ सेट हुआ था वायरल

बीपीएससी की प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा रविवार को थी। परीक्षा शुरू होने से सेट ‘सी’ का प्रश्न-पत्र लीक हो गया था। कई व्यक्तियों के मोबाइल यह परीक्षा शुरू होने के तय समय दोपहर 12 बजे से पहले ही आया गया। पूरे प्रकरण की शुरूआती जांच के बाद बीपीएससी ने परीक्षा को रद्द कर दिया। आयोग की ओर से प्रश्न-पत्र लीक होने की जांच कराने का अनुरोध भी डीजीपी से किया गया, जिसके बाद ईओयू के एडीजी नैयार हसनैन खां ने विशेष अनुसंधान दल का गठन किया।

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