October 4, 2022

मध्य प्रदेश: 2 आदिवासियों की पीट-पीट कर हत्या

दिल्ली

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में एक भीड़ ने गौ हत्या के संदेह पर दो आदिवासियों को पीट-पीट कर मार डाला. सुप्रीम कोर्ट के विस्तृत दिशा निर्देश देने के बावजूद भारत में लिंचिंग की घटनाएं रुक नहीं रही हैं.सिवनी जिले के सिमरिया गांव में मंगलवार तीन मई को 15-20 लोगों की भीड़ ने संपत लाल वट्टी और धानसाय इनवाती नाम के दो आदिवासियों को पीट- पीट कर मार डाला. बृजेश नाम के एक और आदिवासी को भी पीटा गया जिसका अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है. मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि स्थानीय पुलिस को भीड़ द्वारा इन लोगों के पकड़े जाने की सूचना मिली थी, लेकिन जब तक पुलिस स्थल पर पहुंची तब तक संपत लाल और धानसाय को मार दिया गया था. (पढ़ें: क्या करेगी मध्य प्रदेश की गौ-कैबिनेट?) बजरंग दल पर आरोप घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और जबलपुर-नागपुर नेशनल हाईवे को जाम कर दिया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की. अभी तक नौ आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है. लेकिन साथ ही पुलिस मृतकों के खिलाफ लगे गौ हत्या के आरोप की जांच पर भी ध्यान दे रही है।

पुलिस ने पत्रकारों को बताया कि मृतकों के घर से 12 किलो मांस मिला है और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा गया है. (पढ़ें: 44 लोगों की मौत लिंचिंग नहीं तो फिर क्या है?) इस बीच कांग्रेस ने इस लिंचिंग का आरोप बजरंग दल पर लगाया है. कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई ने एक वीडियो भी ट्वीट किया है जिसमें हाथों में लाठी लिए कुछ लोग दोनों आदिवासियों को घेर कर उनसे पूछताछ करते नजर आ रहे हैं. कांग्रेस ने कहा है कि मध्य प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं और राज्य सरकार इन्हें रोक नहीं पा रही है. पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने राज्य सरकार से इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवारों की मदद करने और घायल युवक के इलाज की सरकारी खर्च पर संपूर्ण व्यवस्था की मांग की है. (पढ़ें: गाय के नाम पर किसे हो रहा है फायदा?) राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक 2020 में भारत में आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के सबसे ज्यादा मामले (2,401) मध्य प्रदेश में ही दर्ज किए गए थे. 2011 की जनगणना के मुताबिक प्रदेश में 21 प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है, जो बाकी राज्यों के मुकाबले सबसे ज्यादा है.

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