September 30, 2022

शराबबंदी: गले की फांस बना मद्य निषेध हेल्पलाइन नंबर, झूठी होती हैं 70 से 80 फीसदी शिकायतें; पुलिस को आधे घंटे में देनी होती है रिपोर्ट

सुपौल

शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार ने कई तरह के कानून बनाए हैं। रोज नए उपाय भी किए जा रहे हैं। इस कड़ी में मद्य निषेध विभाग ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया था। कहा गया था कि इन हेल्पलाइन नंबरों पर 365 दिन और 24 घंटे कोई भी व्यक्ति शराब से संबंधित किसी भी तरह की सूचना दे सकता है। शुरू के दिनों में तो प्रशासन और आमलोगों को भी लगा कि यह मुहिम रंग लाएगी।

कुछ दिनों तक इसका खासा असर भी देखा गया। शराबियों, शराब तस्करों और शराब की खेप पकड़ने में सफलता भी मिली लेकिन अब यही हेल्पलाइन नंबर खासकर पुलिस के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। पुलिस की मानें तो हेल्पलाइन के जरिए उन्हें मिलने वाली सूचनाओं में 70 से 80 फीसदी शिकायतें और सूचनाएं गलत निकल रही हैं। एक बड़े पुलिस पदाधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वह खुद ऐसी हेल्पलाइन द्वारा दी गई जानकारी पर उस स्थल पर जा चुके हैं लेकिन वहां कभी कुछ नहीं मिला।

ऐसे कई उदाहरण हैं जब एक ही जगह और एक ही व्यक्ति के घर पुलिस कई-कई बार गई लेकिन हर बार खाली हाथ ही लौटी। हालांकि उत्पाद विभाग का अनुभव पुलिस से थोड़ा इतर है। उत्पाद अधीक्षक लाला अजय कुमार सुमन बताते हैं कि ऐसी सूचनाओं में 20 से 25 फीसदी तक सूचनाएं ही गलत निकलती है। सूचना के बाद संबंधित स्थल पर पहुंचने में समय लग जाता है जिसकी वजह से वहां कुछ नहीं मिलता है।

आधे घंटे के अंदर कार्रवाई कर देनी होती है रिपोर्ट

बताया जा रहा है कि मद्य निषेध विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर अगर कोई सूचना देता है तो उस पर आधे घंटे के अंदर पुलिस या उत्पाद विभाग को की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भेजनी होती है। पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर से पहले स्थानीय थाना को सूचना मिलती है। थाना अगर तय समय में कार्रवाई नहीं करता है, तब एसडीपीओ स्तर के अधिकारी को सूचना आती है। एसडीपीओ स्तर से भी कार्रवाई नहीं हुई तब बात एसपी तक पहुंचती है। हालांकि आमतौर पर थाना स्तर पर ही ऐसी सूचना पर कार्रवाई हो जाती है। हेल्पलाइन नंबर से जानकारी मिलने के बाद पुलिस संबंधित स्थल पर जाती है और वहां की कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट वापस हेल्पलाइन नंबर को दी जाती है।

रंजिश में या परेशान करने की नियत से करते हैं शिकायत

पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि मद्य निषेध विभाग का हेल्पलाइन नंबर 15545 और 1800345268 सार्वजनिक किया हुआ है। यह हर बिजली पोल पर अंकित भी है। आमतौर पर अधिकांश शिकायतें रंजिश में दूसरे को परेशान करने की नियत से हेल्पलाइन नंबर पर की जा रही है। हेल्पलाइन नंबर पर होने वाली शिकायत के शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखना है। ऐसे में कुछ लोग बेवजह भी किसी को परेशान करने के लिए शिकायत कर देते हैं।

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