October 4, 2022

सदर अस्पताल का कमाल, अस्पताल में भर्ती बेटे की जगह सौंप दिया बेटी का शव; जानें पूरा मामला

हाजीपुर

हाजीपुर के सदर अस्पातल के एनएससीयू में प्री मेच्योर बच्चे के इलाज के दौरान मौत होने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने परिजनों को मृत बच्ची का शव सौंप दिया। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। सदर अस्पताल में आक्रोशितों के हंगामा की सूचना पर नगर थाना पुलिस पहुंची और जैसे तैसे मामला शांत कराया। इस मामले में सिविल सर्जन ने जांच कमेटी गठित कर दी है।

कमेटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद सिविल सर्जन द्वारा कार्रवाई की बात बताई गई है। इस संबंध में बताया जाता है कि राजापाकर थाना क्षेत्र के बाकरपुर गांव निवासी मो. मुर्तजा की पत्नी गर्भवती थी। बीते 14 अप्रैल को गर्भवती महिला के परिजन उसे प्रसव के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल लेकर आ रहे थे। मगर रास्ते में प्रसव हो गया। परिजनों ने बताया कि मां ने बेटे को जन्म दिया था।

परिजनों ने हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंच कर प्रसव कक्ष में जच्चा-बच्चा दोनों को भर्ती कराया। जहां बच्चे की हालत खराब देख डॉक्टरों ने नवजात को शीशा में भर्ती कराने को कहा। इसके बाद परिजनों ने नवजात को गहन शिशु चिकित्सा इकाई में भर्ती कर दिया। परिजनों ने बताया कि प्रसव कक्ष में उपस्थित डॉक्टरों ने रजिस्टर में बेटा ही लिखा है।

शिशु चिकित्सा इकाई में भर्ती के दौरान रजिस्टर में बेटा ही लिखा हुआ है। लेकिन रविवार की सुबह में अचानक अस्पताल से फोन आया कि आपके बेटे की मौत हो गयी है। सूचना मिलते ही परिजन आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचे। परिजनों के अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल कर्मियों ने नवजात बच्ची का शव सौंप दिया। इसके बाद तो परिजनों के होश उड़ गये। परिजनों के पूछे जाने पर कर्मियों द्वा उन्हें बताया की गलती से रजिस्टर में बेटा एंट्री हो गया। यह कहकर अस्पताल ने अपना पला झाड़ लिया।

हंगामे की सूचना पर पुलिस और अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ। इस संबंध में बताया जाता है कि सिविल सर्जन के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इस टीम में सिविल सर्जन कार्यालय के डॉ अनिल कुमार शर्मा, एसएनसीयू के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अजय लाल और महिला चिकित्सक डॉ प्रियंका शामिल हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.