October 4, 2022

बिहार में बड़ा हमला करने की फिराक में नक्सली, शीर्ष कमांडरों की गिरफ्तारी से हैं बौखलाए; खुफिया एजेंसी ने किया अलर्ट

पटना

प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) बड़े हमले की फिराक में हैं। हाल के दिनों में शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी से बौखलाए नक्सली बिहार समेत अन्य राज्यों में हमले को अंजाम दे सकते हैं। नक्सलियों के मंसूबे की भनक लगने के बाद खुफिया एजेंसी ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की पुलिस को अलर्ट कर दिया है। बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों ने चौकसी बढ़ा दी है।

चार शीर्ष नक्सली नेता पकड़े गए, एक मारा गया

पिछले तीन-चार महीने में माओवादियों को बड़ा झटका लगा है। एक के बाद एक उसके चार बड़े नेता पकड़े गए और एक की मुठभेड़ में मौत हो गई। इनमें बिहार में दो बड़े नक्सली कमांडर की गिरफ्तारी भी शामिल है। पहले मिथिलेश महतो उर्फ भिखारी और उसके बाद विजय आर्या का पकड़ा जाना नक्सलियों के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। मिथिलेश महतो को गया जबकि विजय आर्या को रोहतास से गिरफ्तार किया गया था। दोनों ही भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी के सदस्य थे। इससे पहले झारखंड में पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रशांत बोस और गुवाहाटी से कंचन दा की गिरफ्तारी हुई थी। वहीं तीन माह पहले महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में माओवादियों के सेंट्रल कमेटी सदस्य मिलिंद तेलतुबड़े मारा गया था।

गिरते मनोबल को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं हमला

सूत्रों के मुताबिक शीर्ष नक्सली नेताओं की गिरफ्तारी या मुठभेड़ में मारे जाने के अलावा पिछले कुछ समय में नक्सलियों को उन इलाकों से भी भागना पड़ा है जहां कभी उनकी गहरी पैठ थी। इसमें बिहार का चकरबंधा और भीमबांध का इलाका शामिल है। इन इलाकों में सुरक्षाबलों के नए कैंप के चलते नक्सलियों का टिक पाना मुश्किल हो गया है। पैठ वाले इलाको के छिने जाने और शीर्ष नक्सली नेताओं की गिरफ्तारी से बचे हुए नक्सली दस्ते का मनोबल भी गिर गया है। ऐसे में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए नक्सली बड़े हमले की फिराक में हैं। बिहार भी उनके निशाने पर है। खुफिया एजेंसीअ द्वारा अगाह किए जाने के बाद सुरक्षाबल भी चौकस है। नक्सल प्रभावित इलाकों में मूवमेंट बढ़ा दिया गया है। हर छोटी-बड़ी गतिविधयों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

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