February 7, 2023

छह महीने में नगर परिषद ने योजनाओं पर खर्च कर दिए तीन करोड़ तीस लाख, आरटीआई से सामने आई सच्चाई

डुमरांव

बक्सर के डुमरांव नगर परिषद ने महज छह माह के भीतर योजनाओं पर कुल 3 करोड़ 30 लाख 1589 रुपये की राशि खर्च की है। इसका खुलासा पूर्व वार्ड पार्षद धीरज कुमार की ओर से मांगे गये आरटीआई से हुआ है। इतनी राशि खर्च होने के बाद भी शहर में नागरिक सुविधाएं बहाल करने में नगर परिषद विफल साबित हुआ है। जरूरी को छोड़ गैरजरूरी योजनाओं पर राशि खर्च करने पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।

बोर्ड में पारित योजनाओं को किया दरकिनार

नगर परिषद के वार्ड संख्या 23 की पार्षद कमला देवी का कहना है कि महाकाल मंदिर से अपकारी गली को जोड़ने वाले रास्ते के निर्माण को लेकर 11 अप्रैल 2018 को बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित हुआ है। लेकिन, नगर परिषद ने राशि का अभाव बताकर इस योजना से मुंह मोड़ लिया। वार्ड पार्षद का कहना है कि नगर परिषद ने भेदभाव के तहत इस योजना को नजरअंदाज कर दिया। शहर के कुछ अन्य वार्डों को भी योजनाओं से वंचित रखा गया है।

आरटीआई से खुला राज

राशि उपलब्ध नहीं होने का बहाना बनाकर कई वार्ड पार्षदों को टरका दिया गया। इस बीच पूर्व वार्ड पार्षद धीरज कुमार ने छह माह में हुए खर्च का ब्यौरा मांगा। लेकिन नगर परिषद कन्नी काटता रहा। यह मामला जब लोक शिकायत में पहुंचा, तो नगर परिषद ने आरटीआई का जवाब दिया। नगर परिषद ने जवाब में कहा है कि 2 जनवरी 2021 से 24 जुलाई 2021 के बीच 89 योजनाओं पर कुल 3 करोड़ 30 लाख 1589 रुपये खर्च हुए हैं। इसमें नाली गली, नलजल मरम्मत, शहर में अस्थायी बैरिकेडिंग, नगर परिषद में हॉल निर्माण, नगर परिषद में केबिन निर्माण, फेवर ब्लॉक और पीसीसी का काम शामिल है।

गैरजरूरी पर खर्च हुई राशि

नगर परिषद ने नागरिक सुविधाओं के बदले गैरजरूरी योजनाओं पर लाखों खर्च किया है। पूर्व पार्षद ने बताया कि विभागीय के नाम पर बीस से अधिक योजनाओं पर लाखों की राशि खर्च की गयी है। शहर में बैरिकेडिंग के नाम पर सात लाख से अधिक राशि खर्च हुई है। लोगों का कहना है कि बैरिकेडिंग के नाम पर राशि का दुरुपयोग किया गया है। पूर्व पार्षद ने कहा कि यदि प्रशासन योजनाओं की जांच करे तो नगर परिषद प्रशासन की पोल खुल जाएगी।

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