January 30, 2023

बिहार में कब्रिस्तान घोटाला? मिट्टी भरने के नाम पर डकार गए 44 लाख

पुनपुन

बिहार की राजधानी पटना से सटे पुनपुन की लखना उतरी-पश्चिमी पंचायत में मनरेगा द्वारा कब्रस्तिानों व विद्यालयों में मिट्टी भराई में 44 लाख 19 हजार 243 रुपए के घोटाले का मामला उजागर  हुआ है। इस संबंध में प्रमुख गुड़िया देवी ने जांच के बाद मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी को भौतिक सत्यापन कर इससे संबंधित रिपोर्ट की मांग की है।

लखना उत्तरी पश्चिमी के लखना हाईस्कूल के पास 3 लाख 54,521 रुपए की, लखना ट्यूबेल के पास 9 लाख 34 हजार 151 रुपए की और ग्राम लखना के पासवान टोले के पास 9 लाख 59 हजार 365 रुपए की लागत से कब्रिस्तान में मिट्टी भराई की गई थी। इसके अलावा 8 लाख 43 हजार 630 रुपए की लागत से लखना स्कूल के फील्ड, 4 लाख 8 हजार 860 लाख रुपए की लागत से बिरजू बिगहा मध्य विद्यालय में मिट्टी भराई और 8 लाख 51 हजार 350 रुपए की लागत से बिरजू बीगहा उपस्वास्थ्य केंद्र के प्रागंण में मिट्टी भराई का कार्य किया गया है। राशि का भुगतान भी हो गया है।

मिट्टी भराई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। बुधवार की शाम वहां कार्य योजना पूरी कर देने का शिलापट लगाया गया और गुरुवार की सुबह ग्रामीणों की उस पर नजर पड़ी तो सभी सन्न रह गए और हंगामा  शुरू कर दिया। हंगामा कर रहे ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुनपुन प्रखंड प्रमुख गुड़िया देवी को दी। मौके पर पहुंची प्रमुख ने मामले की प्रथम दृष्टया जब जांच की तो मामला गबन का प्रतीत हुआ तो उन्होंने तत्काल मनरेगा के रोजगार सेवक संजय कुमार और पीटीए बिनोद कुमार को कार्य स्थल पर बुलाया तो ग्रामीणों के भीड़ देखकर वहां से दोनों फरार हो गए। प्रमुख ने कार्यक्रम पदाधिकारी कविता  को एक पत्र लिख पूरे मामले की अपने स्तर से जांच कर तीन दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। मामला उजागर होने की सूचना के बाद तकनीकी सहायक व पीआरएस अपना मोबाइल को बंद कर कार्यालय से खिसक गये।

इस संबंध में कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि यह मामले वित्तीय वर्ष 2020 के और उनकी पदस्थापना के पूर्व के हैं। प्रमुख से मिली शिकायत के आलोक में उन्होंने पीआरएस से मापी पुस्तिका व तकनीकी सहायक से स्पष्टीकरण की मांग की है कि किन परिस्थितियों में राशि का भुगतान कर दिया गया है। मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इसकी जानकारी मुझे कुछ देर पहली मिली है। इससे संबंधित सारे अभिलेख कार्यक्रम पदाधिकारी से देने को कहा गया है। पीआरएस से स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। मैं खुद इस मामले की जांच करूंगा।

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