January 28, 2023

सांसदों-विधायकों पर चल रहे हैं कितने केस? पटना हाईकोर्ट ने गृह सचिव से मांगी रिपोर्ट, दो हफ्ते में पेश करें हलफनामा

पटना

पटना हाईकोर्ट ने सांसदों-विधायकों के खिलाफ चल रहे मामले की रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने राज्य के गृह सचिव से जनप्रतनिधियों से जुड़े तमाम आपराधिक मामलों की रिपोर्ट तलब की है। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने इस मामले में स्वतः दायर हुई एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए गृह सचिव को दो हफ्ते के अंदर हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

गृह सचिव को हलफनामे में सूबे के तमाम प्राथमिकी एवं थाने का विवरण देना है जो जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज हुए हैं, उनमें लम्बित पड़े अनुसंधान की प्रगति, जिन मामले में आरोप पत्र दायर हो चुका है उनकी कोर्ट में हो रही सुनवाई के चरण की हालिया जानकारी देनी है। साथ में निचली अदालतों में एमपी/एमएलए आरोपियों के खिलाफ चल रहे ट्रायल के विभिन्न चरण, गवाही की मौजूदा स्थिति, जहां गवाही हो गयी वहां दंड प्रक्रिया सहिंता 313 के तहत आरोपी को अपने बचाव में बयान दर्ज करवाने की प्रक्रिया व अंतिम बहस के अलग-अलग चरण के जिलावार आंकड़े गृह विभाग को कोर्ट में पेश करना है।

विदित हो कि पटना हाईकोर्ट में यह मामला सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के आलोक में स्वतः दायर हुआ है जो अश्विनी उपाध्याय बनाम केंद्र सरकार के जनहित मामले में 16 सितम्बर 2020 को पारित हुआ था। गौरतलब है कि उक्त आदेश के जरिये सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाईकोर्ट प्रशासन को निर्देश जारी करते हुए कहा था कि कोरोना काल में भी एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहे आपराधिक मामलों के ट्रायल में कोई शिथिलता नही आनी चाहिए। जहां तक हो सके वर्चुअल सुनवाई के जरिये जन प्रतिनिधियों के खिलाफ चल रहे ट्रायल की रफ्तार बढ़नी चाहिए। जिन आपराधिक मामलों पर हाईकोर्ट से रोक लगी हुई है, उन मामलों पर रोजाना सुनवाई करने के लिए खुद मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक खंडपीठ गठित हो।

मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने गुरुवार को रजिस्ट्रार लिस्ट एवं कम्प्यूटर को भी निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आपराधिक मामलों या उनमें दायर रिवीजन एवं निचली अदालत के मामले या प्राथमिकी को निरस्त करने हेतु दायर हुई क्रिमनल मिसलेनियस अर्जियो की सूची बनाकर उसे दो हफ्ते के अंदर, मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में सूचीबद्ध करें। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।

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