गर्ल्स टॉकः मुजफ्फरपुर की जाह्नवी ने अंतरराष्ट्रीय मंच से बुलंद की आवाज, मिले हमारा हक

मुजफ्फरपुर

पूरे विश्व में लड़कियों-महिलाओं को आज भी पूरा अधिकार नहीं मिल सका है। उन्हें रिप्रोडक्शन संबंधी राइट भी नहीं मिले हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर की 16 साल की बेटी जाह्नवी ने संयुक्त राष्ट्र फाउंडेशन के मंच से स्पीकर के तौर पर गर्ल्स टॉक कार्यक्रम में ये बातें पूरी दुनिया के सामने रखीं। इसके साथ ही उसने जिले के नाम एक और बड़ी उपलब्धि अर्जित की।

जाह्नवी ने कहा कि पूरे विश्व में लड़कियों और महिलाओं के मौलिक अधिकार अब तक नहीं मिले हैं। जब शरीर महिला का है तो उस पर अधिकार भी महिलाओं का ही होना चाहिए और असुरक्षित गर्भपात, बिना सहमति के शारीरिक संबंध, स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव जैसी बिंदुओं पर उसने गर्ल्स टॉक के तहत पूरी दुनिया के सामने अपनी बातों को रखा और इन समस्याओं के समाधान को लेकर भी विचार व्यक्त किये।

दुनिया के छह लड़कियों में एक है जाह्नवी

जाह्नवी को संयुक्त राष्ट्र फाउंडेशन अमेरिका के मंच से स्पीकर के रूप में चुना गया। पूरी दुनिया से फाउंडेशन ने छह लड़कियों को स्पीकर के तौर पर चुना था। इनमें भारत से दो का चयन किया गया था। इसमें मुजफ्फरपुर की जाह्नवी और उत्तरप्रदेश की अक्षया को मौका मिला। इस कार्यक्रम में आधे घंटे तक जाह्नवी ने ग्लोबल मंच से ऑनलाइन माध्यम से महिलाओं के हक-हुकूक की आवाज उठाई।

लैंगिक समानता पर लिखी किताब

कटरा प्रखंड निवासी संतोष कुमार और अर्चना की बेटी जाह्नवी छोटी सी उम्र में लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण पर लगातार काम कर रही है। यही नहीं, इस छोटी सी उम्र में लैंगिक समानता पर किताब भी लिखी है। संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के मंच पर स्पीकर के तौर पर जाह्नवी ने सेक्सुअल और प्रजनन संबंधी अधिकार और न्याय पर विचार रखे। जाह्नवी की इस उपलब्धि पर अलग-अलग मंच के लोगों ने बधाई दी है।

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