जली हुई बसें..डूबती कारें, श्रीलंका में लोगों के लिए बनीं सेल्फी पॉइंट

नई दिल्ली

श्रीलंका में चल रहे भीषण राजनीतिक और आर्थिक संकट के बीच सरकार विरोधी प्रदर्शन भी जारी हैं। यह प्रदर्शन तब हिंसक हो गया जब हाल ही में प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास के आसपास तोड़फोड़ की और कई सार्वजनिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। इसी बीच कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जब लोग जली हुई बसें और तालाब में डूबी कारों के साथ सेल्फी लेते नजर आए।

दरअसल, न्यूज एजेंसी एएनआई ने कोलंबो से कुछ तस्वीरें जारी की हैं। ये तस्वीरें प्रधानमंत्री आवास के आसपास की हैं। यहां लोग अपने परिवार के साथ सड़कों पर घूमते देखे गए और तालाबों में डूबी कारों और जली हुई बसों के साथ सेल्फी लेते नजर आए। यह सब तब हुआ है जब तीन दिनों के कर्फ्यू के बाद, श्रीलंका के रक्षा बलों को मंगलवार को राष्ट्रपति द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया था।

वहां मौजूद एक लड़की ने एएनआई को बताया कि कोलंबो में चल रहे विरोध के कारण चार दिनों से स्कूल नहीं जा रही हूं और आज हम यहां अपने परिवार के साथ बाहर आए हैं। मैंने अपने दोस्तों को दिखाने के लिए यहां कई सेल्फी ली हैं। यह बात सही है कि लोग यहां सेल्फी ले रहे हैं क्योंकि वे इसे एक याद के तौर पर रखना चाहते हैं क्योंकि पिछले काफी समय से वे इससे जूझ रहे हैं।

इधर श्रीलंका में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। हिंसा में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग घायल हुए हैं। श्रीलंका इस वक्त आर्थिक और सामाजिक मोर्चे पर लगातार जूझ रहा है। भारी बवाल और प्रदर्शनकारियों के दबाव के चलते महिंद्रा राजपक्षे ने देश के पीएम पद से इस्तीफा दिया था। उनके स्थान पर रानिल विक्रमसिंघे को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। बुधवार शाम उन्होंने पीएम पद की शपथ ली है।

इससे पहले बुधवार को ही कोर्ट ने महिंद्रा राजपक्षे की गिरफ्तारी वारंट वाली याचिका को खारिज कर दिया था। हालांकि कोर्ट ने राजपक्षे समेत कई राजनेताओं को देश न छोड़ने का आदेश दिया है। दरअसल, कोर्ट में याचिका दायर कर कहा गया था कि महिंद्रा राजपक्षे के तीन हजार समर्थकों ने कोलंबो में चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हमला कर शहर में हिंसा भड़काने का काम किया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.