October 4, 2022

Bihar Budget Live: बिहार में 2 लाख 37 हजार 691 करोड़ का बजट पेश

नई दिल्ली

बिहार के डिप्टी सीएम और वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद सोमवार को लगातार दूसरी बार बिहार का बजट पेश किया। तारकिशोर प्रसाद ने 2022-23 में 2 लाख 37 हज़ार 691 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। पिछले वर्ष यानी 2020-21 का बजट 2 लाख 18 हज़ार करोड़ रुपये का था। तारकिशोर प्रसाद ने कौटिल्य के अर्थशास्त्र के एक संस्कृत श्लोक से शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कविता- यूं ही नहीं मिलती राही को मंजिल एक जुनून सा दिल में जगाना होता है। पूछा चिड़िया से… कैसे बना आशियाना? बोली-भरनी पड़ती है उड़ान बार-बार, तिनका-तिनका उठाना होता है। सरकार ने विकास का 6 सूत्रीय मॉडल पेश किया।

बीजेपी विधायक बचौल के बयान पर विधानसभा में हंगामा

बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकरु बचौल के बयान पर विधानसभा में विपक्ष ने किया जोरदार हंगामा, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हो रही है। सत्ता पक्ष ने राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की। वहीं विपक्ष बीजेपी विधायक बचौल से माफी मांगने की बात पर अड़ा।

बिहार में 2 लाख 37 हजार 691 करोड़ का बजट पेश

बिहार में 2 लाख 37 हजार 691 करोड़ का बजट पेश, इस वित्तीय वर्ष में बढ़ा बिहार का बजट आकार।तारकिशोर प्रसाद ने बताया कि स्वच्छ गांव-समृद्ध गांव के तहत 847 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके तहत सभी गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान- दूसरे चरण को स्वीकृति। घर तक पक्की नली-गलियां। स्वच्छ शहर विकसित शहर के तहत सभी जिला मुख्यालय में वृद्धाश्रम तैयार किया जाएगा। बहुमंजिला आवास बनाकर बेघरों को आवास उपलब्ध कराया जाएगा।

हर घर नल का जल के लिए 1 हज़ार 1.10 करोड़ का प्रावधान

तारकिशोर प्रसाद ने बजट पेश करते हुए कहा कि 700 करोड़ क्रेडिट कार्ड योजना के लिए, 200 करोड़ का प्रावधान मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता के लिए, 225 करोड़ का प्रावधान कुशल युवा कार्यक्रम, हर घर नल का जल के लिए 1 हज़ार 1.10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

छह सूत्रों पर आधारित है बजट

वित्त मंत्री ने इस साल बजट को छह सूत्रों में बांटा है। ये सूत्र- स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि में निवेश, कृषि, ग्रामीण शहरी आधारभूत संरचना का विकास और विभिन्न वर्गों का विकास हैं। अबतक राज्य में 800 करोड़ का निवेश किया गया है। महिलाओं और बच्चों के विकास के लिए 1,23,757 लाख आवंटित किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 में क्रेडिट कार्ड योजना के लिए 700 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

सामाजिक क्षेत्र में खर्च होगा बजट का 65 प्रतिशत

वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार में इथेनॉल उत्पादन के लिए 151 फैक्ट्रियां लगेंगी। टीकाकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारी सरकार अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसखंय्क के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार के लिए 16,134 करोड़ आवंटित किए गए हैं। बजट का 65 प्रतिशत सामाजिक क्षेत्र में खर्च होगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 में विकास दर 9.7 रहने की उम्मीद है। 2022-23 में एक लाख करोड़ रुपए ब्याज मुक्त कर्ज होगा।

8 करोड़ से ज्यादा लोगों का टीकाकरण

सड़क, पुल आदि का निर्माण जारी है। निजी निवेश से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कृषि, आधारभूत संरचना, विभिन्न वर्गों के कल्याण पर जोर रहेगा। इस साल देश भर में बिहार सबसे ज्यादा आर्थिक वृद्धि दर प्राप्त करने वाला राज्य रहा। 8 करोड़ से ज्यादा लोगों का टीकाकरण किया गया। केंद्र ने ऋण लेने की सीमा में बढ़ोतरी की है। एससी-एसटी को योजनाओं का लाभ दिया।

सीमित संसाधनों के बावजूद जारी है विकास

डिप्टी सीएम ने कहा कि महंगाई भत्ते का नियमित तौर पर भुगतान हो रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य का विकास जारी है। लगातार कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। गरीब और कमजोर वर्गों को मदद दी जा रही है।

2022-23 में विकास दर 7.9 रह सकती है

वित्त मंत्री ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। कोरोना महामारी से प्रभावित लोगों के प्रति मेरी संवेदना है। विश्व अर्थव्यवस्था में तीन फीसदी की कमी आई है। वहीं बिहार की अर्थव्यवस्था 2.5 प्रतिशत बढ़ी। 2022-23 में विकास दर 7.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

बजट पेश कर रहे हैं डिप्टी सीएम

बिहार के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद सदन में बजट पेश कर रहे हैं।

स्पीकर के अपमान पर साथ आए बीजेपी-राजद

बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के साथ दुर्व्यवहार के मामले में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को लेकर बीजेपी और राजद एक साथ खड़े नजर आए। राजद विधायक ललित यादव ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं बिहार के डीजीपी की तरफ से विधानसभाध्यक्ष का मजाक उड़ाए जाने का आरोप भी लगाया।

सदन के बाहर विपक्ष का हंगामा

बिहार विधानसभा के बाहर राजद के विधायक रोजगार को लेकर हंगामा कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवाओं को रोजगार दिया जाना चाहिए कांग्रेस विधायकों का कहना है कि बीजेपी वाले बोल रहे हैं कि मुसलमानों का वोटिंग अधिकार खत्म कर देना चाहिए। वे क्या लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। वहीं सीपीआई (एम) का कहना है कि नीतीश कुमार को इसपर चुप्पी तोड़नी चाहिए।

वेल में पहुंचे विधायक

विपक्षी विधायकों ने वेल में पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। राजद सहित तमाम विपक्षी दल बीजेपी विधाक हरिभूषण के बयान को लेकर हंगामा कर रहे हैं। विधानसभाध्यक्ष ने विपक्ष के विधायकों को बोलने का मौका दिया। आज दोपहर दो बजे डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद विधानमंडल में वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट पेश करेंगे।

बीजेपी ने उठाया भ्रष्ट अधिकारियों का मामला

बिहार बीजेपी विधायक संजय सरावगी ने पूरक प्रश्नोत्तर काल में भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई ना होने का मामला उठाया। इसके जावब में सरकार ने माना की अभी लगभग 108 अधिकारियों के खिलाफ मामला लंबित है। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सदन में सदस्यों को यह भरोसा दिलाया कि वे मुख्य सचिव स्तर पर जल्द एक बैठक बुलाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ एक्शन की पहल करेंगे।

कोरोना काल से उबारने पर होगा जोर

बजट में कोरोना काल में अस्थिर हुई आर्थिक गतिविधियों को तेज करने पर जोर होगा। इसके अलावा आधारभूत संरचना के विकास एवं रोजगार सृजन पर भी सरकार का फोकस रहेगा।

विधानसभाध्यक्ष बोले- अच्छी बात है सबका संविधान पर विश्वास है

विधानसभा में विपक्ष ने बीजेपी विधायक के बयान पर बहस करने की मांग की है। इसपर विधानसभाध्यक्ष ने कहा कि ये अच्छी बात है कि सभी की संविधान पर आस्था है। उन्होंने कहा कि इस धरती पर जिसने जन्म लिया है चाहे वो किसी जाति, धर्म का हो, उसका समान अधिकार है।

शोर-शराबे के बीच जारी है प्रश्नकाल

बिहार विधानसभा में इस समय प्रश्नकाल चल रहा है। विभिन्न विधायक सरकार से अपने सवाल कर रहे हैं। वहीं बजट सत्र के दूसरे दिन विपक्ष का हंगामा जारी है। विपक्ष के शोर-शराबे के बीच पूरक प्रश्न पूछे जा रहे हैं। बीजेपी विधायक हरिभूषण बचौल के बयान पर हंगामा हो रहा है। विधानसभाध्यक्ष ने सदस्यों को अपने-अपने स्थान पर वापस जाने को कहा है।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा

बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। अब कुछ देर बाद वित्तीय वर्ष 2022-23 का आर्थिक बजट सदन में पेश किया जाएगा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया।

लॉकडाउन के कारण जीडीपी 2.5 प्रतिशत रही

बिहार का इस साल सीडी रेशियो 5.2 रहा है। लॉकडाउन के कारण सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी 2.5 प्रतिशत पर रही। 2020- 21 में सरकार का कुल व्यय पिछले साल से 13.4 प्रतिशत बढ़कर 175696 करोड़ रुपया पहुंच गया।

पॉजिटिव रहा है बिहार का आर्थिक विकास

कोरोना महामारी के बावजूद इस साल का आर्थिक विकास पॉजिटिव रहा है। इसी का नतीजा है कि जहां कई राज्यों की विकास दर निगेटिव रही, वहीं बिहार में इसके अच्छे परिणाम आए। वित्त मंत्री ने बताया कि बिहार की विकास दर 2.5 प्रतिशत पर कायम रही। डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए बताया कि 2020-21 में मत्स्यपालन की वृद्धि दर 7 प्रतिशत रही।

कृषि के कारण बिहार का हुआ आर्थिक विकास

बिहार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, उप मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि एवं सहायक क्षेत्रों में वृद्धि के कारण राज्य का आर्थिक विकास हुआ है। गत पांच वर्षों में (2016-17 से 2020-21 तक) बिहार में प्राथमिक क्षेत्र 2.3 फीसदी, द्वितीयक क्षेत्र 4.8 फीसदी और तृतीयक क्षेत्र सर्वाधिक 8.5 फीसदी वार्षिक दर से बढ़ा।

पटना में सबसे ज्यादा है प्रति व्यक्ति आय

बिहार की राजधानी पटना में प्रति व्यक्ति आय राज्य में सबसे ज्यादा है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, यहां के लोगों की आय एक लाख 31 हजार 64 रुपए है। वहीं शिवहर के लोगों की सालाना औसत आय सबसे कम 19 हजार 592 रुपए है।

आठ साल में बच्चों का नामांकन बढ़ा

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट-2022-22 के मुताबिक 2012-13 से 2019-20 (आठ साल) के दौरान प्रारंभिक स्कूलों में अनुसूचित जाति के बच्चों के नामांकन में 33.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों का नामांकन 50.5 फीसदी बढ़ा है।

2021 में 3.2 थी प्रजनन दर

बजट सत्र के पहले ही दिन वित्त मंत्री ने सदन के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। सर्वे के अनुसार, 2021 में बिहार की प्रजनन दर 3.2 फीसदी थी, जो वर्ष 2036 तक घटकर 2.4 फीसदी होगी।

कृषि को दी जा सकती है प्राथमिकता

बजट में कृषि को प्राथमिकता दी जा सकती है। शाहनवाज हुसैन का कहना है कि बिहार में जल्द ही सरकार टेक्सटाइल नीति लाएगी। वहीं डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद आज लगातार दूसरी बार बजट पेश करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल बजट 2.40 लाख करोड़ का हो सकता है।

पिछले साल शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित की गई थी 17 फीसदी राशि

पिछले साल बिहार का बजट 2.18 लाख करोड़ रुपये का था। इसमें सबसे ज्यादा 17 फीसदी राशि शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित की गई थी। ग्रामीण विकास के लिए 16,835.67 करोड़, सड़कों के लिए 15,227.74 करोड़, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 13,264 करोड़ का प्रावधान किया गया था। किसी तरह का कोई नया कर नहीं लगाया गया था।

वापस लौटे लोगों को रोजगार देने की पहल हो सकती है

बजट इस बार आधारभूत संरचना के विकास और रोजगार पर केंद्रित रह सकता है। पिछले दो साल से कोविड की वजह से आर्थिक गतिविधियों अस्थिर रही हैं। ऐसे में इस बार इसपर फोकस रहने की उम्मीद है। इसके अलावा कोरोना काल में वापस राज्य लौटे लोगों को रोजगार देने की पहल की जा सकती है।

कई संस्थाओं से ली जाती है राय

बजट तैयार करने से पहले वित्त विभाग विज्ञापन देकर विभिन्न संस्थाओं और विभिन्न क्षेत्र के वरिष्ठ लोगों से राय मांगता है। बजट के लिए व्यापारिक और औद्योगिक संस्थाओं से जुड़े लोगों को बुलाकर उनकी राय ली जाती है। सभी की राय को बजट में शामिल करने की कोशिश की जाती है।

लोगों को सरकार से हैं काफी उम्मीदें

बजट को लेकर जनता को सरकार से काफी उम्मीदे हैं। गृहणियों का कहना है कि महंगाई काफी बढ़ गई है। किचन की चीजें काफी महंगी हो गई हैंउनपर अंकुश लगाया जाना चाहिए। साथ ही बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए।

6 महीने पहले बजट पर शुरू होता है काम

बजट पर छह महीने पहले से काम शुरू हो जाता है। वित्त विभाग सभी विभागों से जानकारी मांगता है। बजट में सरकारी प्राथमिकताओं का ख्याल रखा जाता है। विभाग अक्टूबर से नंवबर तक प्राथमिकताएं देते हैं। इसके बाद योजना विभाग राशि का आवंटन तय करती है।

अस्पतालों को मिल सकती हैं सुविधाएं

स्वास्थ्य के क्षेत्र में अस्पतालों के जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार, आवश्यक मशीन एवं उपकरणों की उपलब्धता, टेलीमेडिसिन को बढ़ावा देने सहित अन्य जरूरी प्रावधान किए जाने की संभावना है। वहीं प्राथमिक शिक्षा में भी नई पहल की जा सकती है।

हर खेत को पानी को भी बजट में मिल सकती है प्राथमिकता

बजट में हर खेत में पानी को प्राथमिकता दी जा सकती है। वहीं, किसानों को खेती के लिए बिजली उपलब्ध कराने को लेकर अलग फीडर बनाये जा रहे हैं। किसानों को बिजली का अलग से कनेक्शन देने के लिए बजट में प्रावधान की घोषणा की जा सकती है। वहीं, प्रखंडों को दो लेन की सड़क और जिला मुख्यालय को 4 लेन की सड़क से जोड़ने के लिए बजट में आवश्यक राशि की व्यवस्था किए जाने की उम्मीद है।

बजट तैयार करने से पहले हुईं तीन बैठकें

बिहार में वित्त मंत्री तारकिशोर प्रशाद की अध्यक्षता में बजट तैयार करने से पहले तीन बैठके की गईं। इसमें वित्त मंत्री ने सभी वर्गों के लोगों से बात की। उन्होंने 12 जनवरी को चार्टर्ड एकाउंटेंट और टैक्स से जुड़े विभागों के अधिकारियों, 18 जनवरी को उद्योग प्रतिनिधियों, सूचना एवं प्रावैधिकी, हथकरघा क्षेत्र के प्रतिनिधियों और 25 जनवरी को कृषि, पशुपालन, मत्स्य संसाधन, डेयरी, गन्ना उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

31 मार्च तक चलेगा बजट सत्र

बिहार का बजट सत्र 31 मार्च तक चलेगा। आज डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए आर्थिक बजट पेश करेंगे। 8 से 25 मार्च तक वित्तीय वर्ष के आय-व्यय के अनुदानों की मांग पर वाद-विवाद और मतदान होगा। पूरे बजट सत्र के दौरान 22 बैठकें होंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट के लिए मिल सकती है राशि

ग्रामीण क्षेत्रों में हर चौराहे पर स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर बजट में राशि उपलब्ध कराई जा सकती है। इस योजना को एक अप्रैल से लागू किया जाना है। सात निश्चय के तहत नल-जल योजना को लेकर अनुरक्षण नीति बनाई गई है और उसके लिए भी बजट में उपबंध किये जाने की उम्मीद है।

तकनीकी शिक्षा और रोजगार सृजन पर होगा जोर

बजट में तकनीकी शिक्षा के विकास, कौशल विकास, रोजगार सृजन पर जोर दिए जाने की उम्मीद है। आईटीआई और पॉलिटेक्निक को एक साथ कर नए विभाग की घोषणा को लेकर बजटीय प्रावधान किए जाएंगे। वहीं, पॉलिटेक्निक कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किये जाने को लेकर राशि का प्रबंध किया जाएगा।

राज्य को केंद्रीय बजट से हैं काफी उम्मीदें

आगामी वित्तीय वर्ष के लिए नेशनल हेल्थ मिशन से पिछले वर्ष की तुलना में 1100 करोड़ रुपये अधिक मिलने की संभावना है। इसी प्रकार, अन्य मदों में भी राज्य को केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें हैं। पिछले वर्ष राज्य के बजट का आकार 2.18 लाख करोड़ था।

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