February 7, 2023

पॉक्सो मामले में 24 घंटे में फैसला सुनाने वाले जज शशिकांत राय पर एक्शन, पटना हाईकर्ट ने अगले आदेश तक किया निलंबित

पटना

पटना हाईकोर्ट ने अररिया प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (पॉक्सो) कोर्ट के जज शशिकांत राय को निलंबित कर दिया है। राय ने पिछले साल नवंबर में केवल 24 घंटे के अंदर आरोपी के खिलाफ अपना फैसला सुनाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू हो गई है। राय के अलावा सात अन्य न्यायाधीशों को उनकी सभी न्यायिक और प्रशासनिक शक्तियों से तत्काल मुक्त कर दिया गया है। इसे लेकर मंगलवार शाम को अधिसूचना जारी कर दी गई है।

नवंबर 2021 में अररिया पोक्सो कोर्ट के जज राय ने 24 घंटे की सुनवाई के भीतर आरोपियों को दोषी ठहराकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। पॉक्सो कोर्ट के विशेष जज ने देश में सबसे तेज ट्रायल पूरा करके कीर्तिमान स्थापित किया था। अदालत ने 24 घंटे के भीतर फैसला सुनाने के लिए गवाहों, दलीलों और जवाबी दलीलों को रिकॉर्ड करके फास्ट ट्रैक कार्यवाही की थी। इससे पहले मध्यप्रदेश की एक जिला अदालत ने पॉक्सो एक्ट मामले में महज तीन दिन में फैसला सुनाया था।

अधिसूचना के अनुसार, जांच लंबित रहने तक या अगले आदेश तक, पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश बिना पूर्व अनुमति स्टेशन छोड़कर नहीं जा सकते हैं। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है, ‘बिहार न्यायिक सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 2020 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, अदालत ने राय को तत्काल प्रभाव से और जांच लंबित रहने तक या अगले आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया है। उनका मुख्यालय सिविल कोर्ट अररिया से अटैच रहेगा।’

जिन सात न्यायिक अधिकारियों को न्यायिक और प्रशासनिक शक्तियों से मुक्त किया गया है, उनमें खगड़िया फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश राजकुमार द्वितीय, मधुबनी के एडीजे इशरतुल्ला, कटिहार के सचिव डीएलएसए विपुल सिन्हा, बांका के एडीजे चंदा मोहन झा, पटना बाढ़ के एडीजे शत्रुघ्न सिन्हा, सासाराम रोहतास के एडीजे परिमल कुमार मोहित और मुजफ्फरपुर (पश्चिम) के उप-न्यायाधीश सह एसीजेएम सतीश चंद्र शामिल हैं। इन्हें अगले आदेश तक सभी न्यायिक और प्रशासनिक शक्तियों से मुक्त कर दिया गया है।

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