February 8, 2023

स्वतंत्रता के ७५वें वर्ष एवं रेणु को समर्पित होगा अधिवेशन, गोपालदास नीरज को समर्पित होगी गीत-गोष्ठी

डा वेद प्रताप वैदिक ‘भारत की एक राष्ट्रभाषा’ पर देंगे व्याख्यान /
साहित्य सम्मेलन के ४१वे महाधिवेशन में डा आर बालशंकर, प्रो सूर्यप्रसाद दीक्षित, डा अनिल शर्मा जोशी, डा विष्णु सक्सेना, पं बुद्धिनाथ मिश्र, डा सर्वेश अस्थाना, श्वेता सिंह, नीलोत्पल मृणाल समेत देश के अनेक विद्वान लेंगे भाग, होगा विराट कवि सम्मेलन, सम्मानित होंगे विद्वान।

पटना,

देश के सुविख्यात पत्रकार और हिन्दी सेवी डा वेद प्रताप वैदिक आगामी २-३ अप्रैल को होनेवाले, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के ४१वें महाधिवेशन में भारत की राष्ट्र भाषा पर अपना व्याख्यान देंगे। अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष और हिन्दी के दक्षिण भारतीय मनीषी विद्वान डा आर बालशंकर, केंद्रीय हिन्दी संस्थान के उपाध्यक्ष डा अनिल शर्मा जोशी, हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग के अध्यक्ष प्रो सूर्य प्रसाद दीक्षित, पं सुरेश नीरव, डा विष्णु सक्सेना, पं बुद्धिनाथ मिश्र, डा सर्वेश अस्थाना, नीलोत्पल मृणाल, बलराम श्रीवास्तव, श्वेता सिंह, पं विभूति मिश्र आदि विद्वानों और चर्चित कवियों और कवयित्रियों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
यह जानकारी ४१वें महाधिवेशन के स्वागताध्यक्ष और पूर्व सांसद डा रवींद्र किशोर सिन्हा ने गत संध्या सम्मेलन सभागार में संपन्न हुई तैयारी समिति की बैठक में दी। डा सिन्हा ने कहा कि इस सप्ताह तक दोनों दिनों के सभी सत्रों के लिए अपेक्षित विद्वानों और विशिष्ट अतिथियों की स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव और महान कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु को समर्पित यह महोत्सव ऐतिहासिक रूप से सफल होगा।


बैठक की अध्यक्षता करते हुए, सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कहा कि महाधिवेशन में उद्घाटन और समापन-सत्रों के अतिरिक्त तीन वैचारिक सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पद्मभूषण गोपाल दास ‘नीरज’ को समर्पित गीत-गोष्ठी और एक विराट कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। सामापन-समारोह में हिन्दी भाषा और साहित्य के प्रचार और उन्नयन में मूल्यवान योगदान के लिए विदुषियों और विद्वानों को नामित सम्मानों से अलंकृत किया जाएगा। इस अवसर पर सम्मेलन की पत्रिका ‘सम्मेलन साहित्य’ का महाधिवेशन विशेषांक और एक हज़ार पृष्ठों का ग्रंथ ‘बिहार की साहित्यिक प्रगति’ तथा ‘भारत की सौ विदुषियाँ’ पुस्तकों का प्रकाशन भी किया जाएगा।
बैठक में सम्मेलन के उपाध्यक्ष नृपेंद्र नाथ गुप्त, डा उपेन्द्र नाथ पाण्डेय, डा शंकर प्रसाद, डा कल्याणी कुसुम सिंह, डा मधु वर्मा, सम्मेलन के प्रधानमंत्री डा शिववंश पाण्डेय, डा पुष्पा जमुआर, डा शालिनी पाण्डेय, डा मेहता नगेंद्र सिंह, डा अर्चना त्रिपाठी, जय प्रकाश पुजारी, कृष्णरंजन सिंह, डा सुमेधा पाठक, डा नागेश्वर प्रसाद यादव, चितरंजन भारती, डा रवीन्द्र कुमार सिन्हा, डा मुकेश कुमार ओझा, डा सुधा सिन्हा, प्रेमलता सिंह राजपुत, डा मनोज गोवर्द्धनपुरी, सागरिका राय, पंकज प्रियम, सतीश राजू, श्रीकांत व्यास, ज्ञानेश्वर शर्मा, बाँके बिहारी साव, चितरंजन भारती, डा दिनेश दिवाकर, लता प्रासर, सुजाता मिश्र, बाँके बिहारी साव आदि उपस्थित थे।

 

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