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October 20, 2020
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चीन को 40 हजार करोड़ रुपये का व्यापार का झटका देने में जुटे व्यापारी : कैट

भारतीय वीर जवानों की शहादत का लिया जाएगा बदला
पटना
देश भर में इस वर्ष की दिवाली को हिन्दुस्तानी दिवाली के रूपमें मनाने के कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) बिहार के आव्हान को देश के कोने कोने में ले जाने के लिए कैट ने व्यापक स्तर पर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं जिसके जरिये कैट के बैनर तले देश का व्यापारी वर्ग चीन को इस वर्ष के दिवाली फेस्टिवल सीजन पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का एक बड़ा झटका देने को पूरी तरह मुकम्मल है ! कैट के इस अभियान को देश भर से व्यापक समर्थन मिल रहा है ! जहाँ व्यापारियों ने चीनी सामान को नहीं बेचने का संकलप लिया है वहीँ दूसरी ओर देश भर में लोग चीनी सामान को खरीदने के मूड में बिलकुल भी नहीं है !

कैट बिहार चैप्टर के चेयरमैन कमल नोपानी, अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा व महासचिव डा रमेश गांधी ने आज यहाँ जारी एक संयुक्त वक्तव्य में बताया की प्रति वर्ष भारत में दिवाली त्यौहार के सीजन पर लगभग 70 हजार करोड़ का व्यापार होता है जिसमें सोना चांदी, ऑटोमोबाइल जैसे महंगे रिटेल व्यापार भी शामिल हैं ! इस 70 हजार करोड़ के व्यापार में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का सामान बीते वर्षों में चीन से आयात होता है ! लेकिन इस वर्ष जून महीने में जिस तरह से चीन ने 20 भारतीय जवानों को निर्दयता के साथ मारा है उसको लेकर देश के सभी वर्गों में चीन के प्रति एक बड़ा गुस्सा और आक्रोश है और जिसके चलते लोग चीन का सामान न खरीदने का मन बनाये हुए बैठें हैं और देश भर में व्यापारी कैट के ” भारतीय सामान – हमारा अभिमान ” एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “लोकल पर वोकल ” एवं ” आत्मनिर्भर भारत ” को जमीनी स्तर तक सफल बनाने में भारतीय सामानों को प्रमुखता से बेचे जाने के लिए स्टॉक का संग्रह कर रहे हैं !

कैट बिहार की महिला उद्यमी उपाध्यक्ष श्री मती इन्दु अग्रवाल जी व श्री मती अमृता सिंह जी ने बताया की दिवाली के त्योहारी सीजन में वैसे तो हर वर्ग का व्यापारी अपनी तैयारी कर रहा हैं किन्तु ख़ास तौर पर मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक एवं इलेक्ट्रिकल सामान, खिलौने, होम फर्निशिंग, किचेन एक्सेसरीज, गिफ्ट आइटम्स, घड़ियाँ, रेडीमेड गारमेंट्स, फैशन के कपडे, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, फर्नीचर, एफएमसीजी प्रोडक्ट्स, कंस्यूमर ड्युरेबल्स, ऑफिस स्टेशनरी, दिवाली की पूजा और दिवाली पर घर, दुकान, ऑफिस सजाने का दिवाली का सामान आदि बड़ी मात्रा में बिकने की संभावना होती अगर प्रशासन ने स्टाल लगाने पर प्रतिबंध नही लगाया होता तो व्यापर अच्छा होंता। इस परिस्थिति में भी हम सम्भावनाए तलाश लेंगे।

उन्होंने बताया की कैट ने चीन के सामानों के विकल्प के रूप में जहाँ देश भर में लघु उद्योगों की जानकारी करते हुए उन्हें अधिक उत्पाद बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया हैं वहीँ दूसरी ओर देश के प्रत्येक शहर में कारीगरों, शिल्पकारों एवं ऐसे लोग जिनके पास कला कौशल तो है लेकिन साधन नहीं है , को संपर्क कर उनसे दिवाली त्यौहार पर बिकने वाले उत्पाद बनवाएं हैं और ऐसे लोगों को देश भर में फैले व्यापारिक संगठनों के जरिये बाज़ारों में अपने उत्पाद बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ! इसके अलावा कैट रोज़गार चाहने वाले लोगों को सहयोग कर देश के बाज़ारों में स्टाल लगाकर उनके द्वारा दिवाली त्यौहार से सम्बंधित सामान की बिक्री करने का अभियान भी चलाएगा !

श्री वर्मा व गांधी ने कहाँ कि कैट का यह प्रयास सही मायनों में प्रधानमंत्री मोदी के लोकल पर वोकल एवं आत्मनिर्भर भारत को वास्तविकता में करके दिखायेगा जिसके जरिये चीन को 40 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का झटका देकर सबक सिखाया जाएगा ! उन्होंने कहा की देश भर में कला और कौशल की कोई कमी नहीं हैं पर ऐसे लोगों को उत्पाद के लिए सहयोग करना और फिर उत्पाद बेचने के लिए उनको बाजार देने की जरूरत है ! यह काम वातानुकूलित कमरों में बैठकर कागज़ी योजना बनाने से नहीं होगा बल्कि इसके लिए जमीन पर उतर कर काम करना होगा जिससे प्रधानमंत्री श्री मोदी की सोच को अमली जामा पहनाया जा सके !

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